- वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सा सहायता, हर मिनट है कीमती
- ओलंपिक के सपनों से बदले की आग तक: प्राइम वीडियो की एमएक्स ओरिजिनल दुनिया की थैं थैं दर्शकों को रोमांच से भरे सफर पर ले जाने को तैयार; ट्रेलर जारी
- From Olympic Dreams to a Quest for Revenge: Prime Video’s MX Original Duniya Ki Thain Thain is Set to take Audiences on a Turbulent Ride; Trailer Out Now
- होम क्रेडिट इंडिया का दीवाली कैंपेन #अपनोंकेसाथदीवाली
- Disha Patani Turns Businesswoman as She Launches her Clothing Brand ‘DZ’, Offers Novelty by Fusing Elements from Space
आयुर्वेदिक उपचार से इंदौर में ठीक हुए हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और शुगर के सैकडों मरीज
इंदौर । इंदौर में आयुर्वेदिक पंचकर्म पद्वति से हृदय रोग, ब्लड प्रेषर और षुगर के मरीजों को अभूतपूर्व फायदा हुआ है। पिछले 3 सालों में आयुवेदिक पंचकर्म व हेल्दी लाईफ स्टाईल को अपनाकर 400 से ज्यादा मरीजो ने इन बीमारीयो से छुटकारा पाया । सौ से ज्यादा रिसर्च पेपर द्वार प्रमाणित इस आयुर्वेदिक उपचार से ठीक हुए मरीजों के लिए विजयोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बीमारियों पर जीतने वाले लोगों को पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमति सुमित्रा महाजन गोल्ड मेडल से सम्मानित करेगी ।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए माधवबाग के रीजनल हेड डा.ॅ प्रमोद चव्हाण रोटरी क्लब ऑफ इंदौर विनायकम के अध्यक्ष श्री महेंद्र मुणोत , सचिव श्रीमति वैषाली बर्डे ने बताया कि जीवन षैली में बदलाव लाकर हृदय रोग , षुगर और ब्लड प्रेषर जैसी बीमारी ठीक की जा सकती है। माधवबाग , रोटरी क्लब्स के साथ मिलकर लोगों में नॉन कम्युनिकेबल डिसीसेज के प्रति जागृति फैलाने का काम कर रही है।
इसी के तहत विजयोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन 1 मार्च को सांय 4 बजे मांई मंगेषकर सभागृह में होगा । जिसमें मरीजों , उनके परिजनों के साथ ही बडी संख्या में वे लोग भी आएंगे जो इस पद्वति से रोग रहित जीवन जीने की कला सीखना चाहते है। कार्यक्र्रम का मकसद आयुवेदिक उपचार पद्वतियों के बारे में लोगां को बताना है जिन्हे हम भुला चुके है।
इस कार्यक्रम के दौरान माधवबाग के एम डी डॉ रोहित साने उन लोगों को सम्मान करेंगे जिन्होने आयुर्वेदिक पंचकर्म को अपनाकर एंव आहार ,व्यायाम और जीवन षैली मे बदलाव कर बीमारी पर विजय पाई है। कार्यक्रम के दौरान वे जीवन षैली में बदलाव व आयुर्वेंद पंचकर्म से इन बीमारियों से छुटकारे पाने की अपनी रिसर्च को प्रजेंट करेंगें।
डॉ चव्हाण ने बताया कि दिल की बीमारी के ज्यादातर मामले अनियत्रित खान पान, पाष्चात्य जीवन षैली के कारण होते है। लेकिन यदि आयुर्वेदिक पंचकर्म के साथ खान पान व जीवन षैली पर नियत्रंण कर लिया जाए तो इन बीमारियों से बडी आसानी से बचा जा सकता है। इसी तरह ब्लड प्रेषर, षुगर आदि बीमारियों में आयुर्वेदिक उपचार काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आव्हान किया है कि जो लोग शुगर, ह््रदय रोग, ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं वे इस कार्यक्रम का लाभ उठाएं।


